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Most beautiful places in madhya pradesh

Most beautiful places in Madhya pradesh


कान्हा नेशनल पाकॅ  ( Kanha national park )

 

मध्यप्रदेश अपने घने जंगल ओर टाइगर रिजॅव के लिये जाना जाता है ।इसी लिये यहा कान्हा नेशनल पाकॅ जेसे बडे पाकॅ यहा मौजुद है। कान्हा नेशनल पाकॅ मध्यप्रदेश का सबसे बडा ओर भारत का एक मात्र टाइगर रिजॅव नेशनल पाकॅ है। जो  तकरीबन मध्यप्रदेश के दो जिल्ले मंडला ओर बालाघाट मे 940 चो.की.मी. मे फेला हुआ है। यह पाकॅ सातपुडा के पहाडो से घिरा हुआ हे ओर यहा की खास बात यह हे की यहा पर घास के खुले मेदान भी हे जहा पर हिरन , बारह सिंगा , चित्ता , साबर जे से वन्य जीव को एक साथ देखने को मिल सकते है। खासकर बाघो ( Tigers )के लिये जाने जाला वाले इस पाकॅ मे आपको सफारी के दोरान टाइगसॅ आसानी से यहा पर देखने को मिल जायेगे ।


मध्यप्रदेश का यह नेशनल पाकॅ एशिया के सबसे खुबसुरत पाकॉ मे से एक है। जीसे विश्व विख्यात पुस्तक ध जंगल बुक मे भी दशॉया गया है।  इस पाकॅ को विझीट करने का समय 15 अक्टुबर से जुन तक है । बाकी के समय यह पाकॅ बंध रहता है।

बाधवगढ नेशनल पाकॅ ( Bandhavgadh national park )

            

            Photo credit pixabay.com

 मध्यप्रदेश के उमरिया जिल्ले मे स्थित यह एक  ओर  नेशनल पाकॅ भारत के टॉप नेशनल पाकॉ मे से एक है। जो 437 चो.की.मी. के झेत्रफल मे फेला हुआ है। वे से तो ये टाइगर रिझवॅ नेशनल पाकॅ हे या नी की यहा पर टाइगरस् ( Tigers ) की अलग अलग प्रजातीया ज्यादा हे, ओर वो आपको यहा पर खुल्ले जंगलो मे घुमते हुए दिखाइ देगे। इस के अलावा यहा पर लेपडॅ ( चित्ता ) हिरन , भालु , जंगली भैस ओर दुसरे कई  एनिमलश् के साथ बडॅ्स भी देखने कोे मील जायेगे। यहा पर चारो ओर फेला हुआ जंगल साथ मे बडे बडे पेड़ , चट्टाने ओर खुले मेदान हर किसी कोे आकषि्त करने वाले है।  

इस के अलावा यहा पर बाधवगढ किल्ला भी यहा पर है। जो भी यहा के एक attraction है।

यह नेशनल पाकॅ 15 अक्टुबर से जून तक देखने के लिये खुला किया जाता है , ओर इस पाकॅ कॉ विझीट करने का बेस्ट समय की बात करे तो अक्टूबर से फरवरी है। 
       

पंचमढी  ( Punchmadi )

             

 मध्यप्रदेश के सातपुडा पवॅत श्रेणी मे बसा मध्यप्रदेश का यह एक मात्र हिलस्टेशन भारत के सबसे खुबसुरत जगहो मे से एक हे । हरे भरे जंगलो के साथ साथ साफ ओर ठंडा मौसम ,  छोटी बडी पहाडिया , झरने ओर नदियो की सूरीली आवाजो के साथ यह बहूत ही खुबसुरत ओर शांत जगह है।

इस के एलावा पंचमढी मे स्थित पाॅडव गुफा यहा का मेेन आकषण् है। शिलाखंडो को  तराश कर बनाइ गइ इन गुफाओ ने यहा की प्रकृति की सौंदयॅता को ओर बडा दिया हे । यहा की प्राकृतिक सौदयॅ के साथ यह प्रख्यात गुफाएॅ खास कर विदेशीयो के लिये एक मुख्य आकषण् बनी  हुई  है।


पातालपानी  वोटरफोल ( Patalpani waterfall )

            

          Photo credit pixabay.com

मध्यप्रदेश के इन्दोर जिल्ले से 36 km. की दुरी पर  स्थित यह वॉटरफोल मध्यप्रदेश के टोप फेमस जगहो मे से एक हे , यहा पर 300 ft. से गीरते हुए झरने का अदभुत् नजारा हर कीसी को अपनी ओर आकषिॅत करता है। पातालपानी का यह वॉटर फोल बारीश के बाद पुरा हरा भरा हो जाता है । ओर जीसके कारण यह ओर भी खुबसुरत लगता है।  इस के अलावा पातालपानी के आसपास का यह इलाका picnic ओर trekking sport के लिये प्रख्यात है।


इस वॉटर फोल की गहराइ को आजतक नापा नही  जा शका हे , ओर यह भी कहते हे की इस वॉटर फोल का पानी सीधा पाताल तक जाता हे जीसकी वजह से यह  पातालपानी के नाम से जाना जाता है। पुलिस सुत्रो के मुताबीक अबतक यहा पर पिछले 10 सालो मे 60 से ज्यादा लोग जान गवा चुके है।


सॉची का स्तुप  ( The great sanchi stupa )


युनेस्को द्वारा विश्व विरासत से सम्मानीत यह स्मारक भारत के सबसे प्राचीन स्मारको मे से एक माना जाता हे , ओर यह भारत के सबसे महत्व पूणॅ स्थानो मे से एक है। सॉची के इस स्तूप का निमॉण सम्राट अशोक ने करवाया था । जो शांति , पवित्रता ओर धमॅ का प्रतिक माना जाता है।  मध्य प्रदेश के रायसेन जिले मे स्थित इस  स्थल पर बौद्व संरचनाए ओर मठ , स्थंभ देखने को मीलते हे । सॉची का यह स्तुप भगवान बुद्व के अवशेषो पर आधारीत है , जीसे एक अधॅ परिपत्र गुंबज के आकार मे बनवाया गया है । जो बौद्व धमॅ का एक प्रसिद्व  धामिॅक स्थल भी है। यहा की अदभूत प्राचीन वास्तुकला के साथ साथ यहा पर कइ सारे शिलालेख् भी मौजुद हे ।

सॉची का यह स्तुप अपनी सौदयॅता , वास्तुकला , शिल्पकला एवंम धॉमिॅक स्थल के रूप मे विश्व विख्यात है। ओर इसी लिये यहा हर साल विदेशो से इस स्थल को देखने लोग आते है।


भीमबेटका की गुफा़ए ( Caves of Bhimbetka )


भीमबेटका की यह गुफाएॅ मध्यप्रदेश के  रायसेन जिले मे स्थित हे , जो भोपाल से 45 km की दुरी पर स्थित है। यह गुफाएॅ विध्य पवॅतश्रेणी से घीरी हुइ है। यहा पर 500 से ज्यादा गुफाएॅ हे जीन की चट्टानो पर हजारो साल पुरानी चित्रकला आजभी मौजुद है। जीन मे सबसे ज्यादा पुरानी चित्रकारी 12000 साल पुरानी होने का अनुमान है। भीमबेटका की यह गुफाएॅ अपनी चित्रकारी के लिये भी जानी जाती है। क्यो की यहा पर बहूत सारी चित्रकारी दशॉई गइ  है , ओर उनमें प्राकृतिक तरीके से किया गया रंग आजभी देखा जा सकता हे । यह गुफाएॅ भीम के समय की होने का अनुमान है ।

भीमबेटका की यह गुफाएॅ भारत की सबसे प्राचीन गुफाओ मे से एक है। जी से UNESCO द्वारा विश्व विरासत मे सामील कराया गया है।

पेन्च नेशनल पाकॅ ( Pench national park )


 पेन्च नेशनल पाकॅ भारत के मुख्य पाकॉ मे से एक है। जो मध्यप्रदेश ओर महाराष्ट्र के बीच मे स्थित है। जो टाइगर रिजवॅ पाकॅ है। यहा के उचे पेंड़ , ठंडी हवायें , खुब सूरत झीले ओर पंक्षीओ की सुमधुर आवाजे मन मग्न करने वाली है। इस पाकॅ मे टाइगर के अलावा जंगली भैंस , साबर , नीलगायें जेसे अन्य वन्यजीव भी देखने को मील जायेगे। इस के अलावा यहा पर हिमालयी प्रदेश से लगभग 200 से ज्यादा तरह के पंक्षी भी यहा पर winter के सीजन मे आते है। 


यहा पर  अनेक दुलॅभ वन्यजीव मोजुद हे ओर साथ साथ यहा पर तेजी से वन्यजीवो की संख्या भी बडती जा रही है। जीस के चलते ये बहूत ही फेमश बनता जा रहा हे, ओर यह तेजी से पयॅटको को अपनी ओर खीच रहा है।

बहुती वॉटर फोल्स्  ( Bahuti Water falls )

बहुती वॉटर फोलस् मध्यप्रदेश के सबसे ऊ़चे वोटर फोल्स मे से एक है। जो मध्यप्रदेश के रेवा ( Rewa )  जिल्ले मे स्थित है। जो बीहड़ नदी के पानी से निमिॅत होता है।  जीसकी कुल उचाई 142 m. है। इतनी उचाई से गीरता हुआ पानी यहा के वातावरण को ताजगी ओर रोंमाचकता से भर देता हे , ओर यहा का नजारा तो इतना सुहाना लगता है की हर कीसी को यहा पर बार बार लाने पर मजबुर करने वाला है।
मध्यप्रदेश का सबसे बडा यह वॉटरफोल अपनी विशालता ओर सौदयॅता के कारण बहुत ही प्रख्यात है , जो हर साल हजारो पयॅटको को अपनी ओर खीचलाता है।


ग्वालियर का किल्ला ( Gwalior fort )


ग्वालियर का यह किला भारत के सबसे बडे किल्लो मे से एक है ओर साथ ही भारत की घुमने की सबसे अच्छी जगहो मे से एक है। ग्वालियर के इसी किल्ले मे शून्य से जुडे दुसरे सबसे प्राचीन दश्तावेज यहा पर मीले है। गवालियह का यह किला ग्वालियर जिले के गोप पवॅत पर स्थित है। जो दो भागो मे बाटा गया हे गुजंरी महल ओर मान मंदिर ।

ग्वालियर का यह किला अपनी विशालता , अदभूत सौदयॅता ओर अपनी अदभूत बनावट के कारण पुरे भारतभर मे प्रसिद्व है। जीसे भारत का जिब्रास्टर भी कहते है। ग्वालियर के इस किले मे सिद्वाचल जैन मंदिर की गुफाएॅ , जैन मंदिर ओर अदभुत नकशीकला के साथ चट्टान पर काट कर बनाए मंदिर है। इस किले की अदभुत संरचना के कारण यह पयॅटको को काफी अाकषिॅत करता है। ग्वालियरलका यह किला भारत की शान है। 

उज्जैन  का महाकालेश्वर  मंदिर ( Ujjain Mahakaleshvar Temple  )

 

शिप्रा नदी के किनारे स्थित उज्जैन अपनी धामिॅक गतिविधीयॉ ओर कुंभ मेलें ओर अपने प्रसिद्व प्राचीन मंदिरो के कारण देशभर के पयॅटको को अपनी ओर खीचता है।  ओर यही पर स्थित हे भगवान शिव के बारह् ज्योतिॅलिगॉ मे से एक महाकालेश्वर का मंदिर । धामिॅकरूप से इस मंदिर का बहुत महत्व बताया गया है। इस के दशॅन मात्र से ही मोक्ष की प्राप्ती हो जाती है एसा कहते है। महाकाल के इस मंदिर मे हर सुबह भष्म से आरती की जाती है।

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