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भारत मे यहा पर ऐसे मनाते है दशहरा का त्योहार dussehra in hindi

भारत के अलग अलग राज्यो में ऐसे भी दशहरा का त्योहार मनाया जाता है । Dussehra in hindi.

दशहरा का त्योहार भारत मे अधर्म पर धर्म का विजय ओर असत्य पर सत्य का विजय होने की धार्मिक मान्यता के साथ मनाया जाता है। दशहरा हिन्दू धर्म के त्योहारों में से भी एक मुख्य त्योहार है , जिसे पूरे भारत देश के कोने-कोने में बड़े ही धामधुम ओर हर्ष उल्लाश से मनाया जाता है । नो (9) दिनों तक माँ दुर्गा की पूजा अर्चना करके दसवे दिन दशहरा का त्योहार भारत मे जगह जगह पर रावण का पुतला जला कर अधर्म पर धर्म की जीत होने की खुशी में मनाया जाता है ।  

dussehra in hindi
         Photo credit pixabay.com


हिन्दू धर्म मे दशहरा का बहुत महत्व है , इस दिन लोग अपने अशस्त्र शस्त्र ओर शास्त्रो की पूजा करते है , साथ ही दशहरा के दिन ही लोग अपने नए काम और उध्योग की शुरुआत करते है , क्योकि कहा जाता है कि इस दिन शुरू किए जाने वाले हर काम मे सफलता मिलती है इस लिए भारत मे दशहरा का त्योहार बहुत ही शुभ माना जाता है । 

दसहरा क्यो मनाया जाता है और क्या है दशहरा की प्राचीन कथा ।

हिन्दू धर्म के मुख्य त्योहारों में से एक दशहरा का त्योहार संबंध माँ दुर्गा ओर रामायण से है , कहा जाता है कि नवरात्रि के नो (9) दिनों तक माँ दुर्गा ने महिषासुर सुर के साथ युद्ध करने के बाद अंत मे दसवे दिन महिषासुर का वध किया था , इस लिए नवरात्रि के नव(9) दिनों तक माँ दुर्गा की पूजा अर्चना कर दसवे दिन विजयादशमी के रूप में मनाया जाता है । जिससे नवरात्रि के नव दिन के बाद दसवे दिन आने वाले इस विजयादशमी के दिन को एक अधर्म पर धर्म का विजय पाने  की खुशी में मनाया जाता है ।

दशहरे के दिन ही भारत मे हर जगह जगह पर रावण के पुतले को भी जलाकर मनाया जाता है । क्योंकि रामायण के मुताबिक इसे दिन भगवान राम ने भी रावण का वध किया था। रामायण के मुताबिक रावण जैसे सबसे शक्तिशाली अशूर को मारने के लिये भगवान राम ने भी नव दिनों तक माँ दुर्गा की पूजा अर्चना की थी और अन्त में दसवे दिन यानी विजयादशमी के दिन ही रावण का वध किया था , इसलिए विजयादशमी के दिन रावण के पुतले को जलाया जाता है , जो असत्य पर सत्य का ओर अधर्म पर धर्म का प्रतीक है । 

इस तरह दशहरा का त्योहार अधर्म पर धर्म का , अंधेरे में प्रकाश और असत्य पर सत्य की जीत पाने के लिए मनाया जाता है ।

यहा पर ऐसे भी मनाया जाता है दशहरा का त्योहार , Yaha Par Aise Bhi Manate Hai Dussehra ka festival .

दशहरा का त्यौहार भारत के अलग अलग हिस्सों में अलग अलग तरीको से मनाया जाता है , कही पर रावण के पुतले को जलाकर मनाया जाता है , कही पर रामलीला का कार्यक्रम आयोजित कर , तो कही पर माँ दुर्गा की सवारी निकाल कर धामधुम  से मनाया जाता है , ओर साथ ही कही पर माँ दुर्गा की विशेष पूजा भी की जाती है ।

 पर भले ही विजयादशमी के इस त्योहार को भारत के अलग अलग जगहों पर अलग अलग रीति रिवाज ओर परंपरा ओ के साथ मनाया जाता हो , पर सभी जगहों पर माँ दुर्गा की  अलग अलग रूपो में पूजा तो होती ही है । 

दक्षिण भारत मे ऐसे मनाया जाता है दशहरा का त्योहार ।

दशहरा का त्योहार भारत के बाकी राज्यो से बढ़कर दक्षिण भारत मे अलग ही महत्व देखने को मिलता है , क्योकि भारत के इन जगहों पर ही दशहरा का त्योहार में माँ दुर्गा की ही पूजा की जाती है । दक्षिण भारत के बंगाल ,ओडिशा ओर आसाम जैसे राज्यो में तो दशहरा का एक अलग ही रूप , उत्साह और ढंग देखने को मिलता है । क्योकि यहा पर बाकी त्योहारों के मुकाबले दशहरा का एक अलग ही महत्व है । बंगाल में दशहरा का त्योहार पांच (5) दिनों तक ओर आसाम ओर ओडिशा में चार  (4) दिनों तक मनाया जाता है । 

वही दक्षिण भारत के दूसरे राज्य जैसे तमिलनाडु , आंध्रप्रदेश ओर कर्णाटक में भी नॉव (9) दिनों तक माँ दुर्गा के अलग अलग रूप लक्ष्मी , सरस्वती ओर दुर्गा की पूजा की जाती है , ओर दशहरा के दिन पालखी में दुर्गामाता को बिठाकर गलियों में नाच-गाने के साथ घुमाया जाता है । 

यही कर्नाटक के मैसूर का दशहरा तो पूरे भारतभर में प्रसिद्ध है , क्योकि इस दिन मैसूर की हर गलियों को रात के समय रोशनी से प्रज्जलित किया जाता है और साथ ही हाथियों को सजाकर गलियों में यात्रा निकाली जाती है । 

हिमाचल प्रदेश में दशहरा ऐसे मनाया जाता है ।

हिमाचल प्रदेश का कुल्लू का दशहरा भी बहुत प्रसिद्ध है , क्योकि हिमाचल प्रदेश में भी दशहरा की शरुआत भारत के अलग अलग जगहों की तरह ही नॉव (9) दिन पहले ही माताजी की पूजा अर्चना की शुरुआत  हो जाती  है , साथ ही इन दिनों माताजी को  विविध आभूषणो से सवारा जाता है , ओर विविध संगीत के साधनों को बजा कर नाच-गाना किया जाता है , ओर दसवे दिन यानी दशहरे के दिन ही माँ दुर्गा को पालखी में बिठा कर हर्ष उल्लाश से मनाया जाता है ।

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          Photo credit pixabay.com


 दशहरा का त्योहार रघुनाथजी के साथ भी संबंध रखता है इस लिए यहा पर यहा के मुख्य देवता रघुनाथजी की भी पूजा कर रावणवध का कार्यक्रम भी रखा जाता है । 


गुजरात मे ऐसे मनाते है दशहरा का त्योहार ।

गुजरात मे तो दशहरा के त्योहार का एक अलग ही महत्व और रूप को देखा जाता है , क्योकि गुजरात मे नवरात्रि के नव (9) दिनों तक चलने वाला नवरात्रि का त्योहार तो भारत ही नही बल्कि पूरे विश्व को अपनी ओर खिचलाता है । गुजरात का प्रसिद्ध गरबा नृत्य ही माता दुर्गा ओर उनके नव (9) रूपो को समर्पित है । गुजरात मे इन नॉव (9) दिनों में गरबा नृत्य का आनंद उठाने के लिए विश्वभर से पर्यटक आते है , ओर यही वहज है कि नवरात्रि का गरबा नृत्य गुजरात का राज्य नृत्य है । 

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