PRUTHVI KE BARE ME JANKARI OR ROCHAK FACTS , पृथ्वी के बारे में जानकारी और रोचक फैक्ट्स ।
हमारे वैज्ञानिक आज ब्रह्मांड के रहस्यो को सुलझा ने में लगे है , पर हमारी पृथ्वी भी कई ऐसे रहस्यों से भरी पड़ी है , जिनमे से कई रहस्यो का पता हमारे वैज्ञानिक नही लगा पा रहे है । आज हम इसी हमारी पृथ्वी के बारे में जाने गे ।
Photo credit pixabay.comहमारी पृथ्वी हमारे सौर मंडल का तीसरा ग्रह है , ओर हमारे सौर मंडल का एक मात्र सजीवसृष्टि वाला हराभरा ग्रह है । जहा पानी अपने तीनो स्वरूप ठोस , तरल ओर गॅस में मौजूद है । जिसके कारण धरती पर पनपने वाले सजीवों का जीवन चलता है ।
हमारी पृथ्वी पर जीवन की शुरुआत कैसी हुई थी इस पर तो हमने पहले ही एक पोस्ट लिखी है , पर हमारी धरती कैसे बनी इसके बारे में थोड़ा जान लेते है ।
PRUTHVI KA NIRMAN KAISE HUA , पृथ्वी का निर्माण कैसे हुआ ।
आज से 4.6 अरब साल पहले हमारे ब्रह्मांड में एक तूफान आया जिसकी वजह से ब्रह्मांड में मौजूद गॅस ओर धूल ग्रैविटी के कारण एकजुट हो गई , ओर इस धूल और गैस का ज्यादातर हिस्सा इसके केंद्र में जा कर इक्कठा हो गया , जिसके कारण हमारे सूर्य का निर्माण हुआ , ओर साथ ही बाकी बची गैस और धूल सूर्य के प्रचंड ग्रेविटी के कारण एक डिस्क का आकार ले कर सूर्य के आसपास घूमने लगी , ओर बढ़ में अरबो सालो की प्रकिया के बाद हमारे सौर मंडल के कई ग्रहों ओर अवकाशिय पिंडो का निर्माण हुआ , जिनमे हमारी पृथ्वी भी शामिल है । जो कि हमारे सूर्य से एक खास दूरी पर होने के साथ साथ इस पर हुई 6 महाप्रलयकारी घटनाओ के कारण ही इस पर जीवन की शुरुआत हुई ।
PRUTHVI KE BARE ME ROCHAK FACTS , पृथ्वी के बारे में रोचक फैक्ट्स
◆ यह तो सब जानते ही होंगे की हमारी पृथ्वी पर 71 % पानी है , ओर बाकी की जगह पर जमीन , पर हमारी धरती पर 71 % पानी होने के बावजूद यह पानी हमारी पृथ्वी के कुल द्रव्यमान में 1 % से भी कम है ।
◆ हमारे सौर मंडल के पृथ्वी एक मात्र ग्रह है , जिसके अंदर टेक्टोनिक प्लेट्स मौजूद है , जो कि हमारी धरती के अंदर मौजूद मेग्मा के ऊपर तेर रही है , ओर इन्ही टेक्टोनिक प्लेट्स के खिसकने से धरतीकंप होते है ।
◆ हमारी पृथ्वी पर की गई खोजो में हालही में पृथ्वी की सतह के अंदर भी एक विशाल महासागर की खोज की है , ओर यह भी कहा गया है , की इस महासागर में हमारे धरती पर मौजूद पानी से भी ज्यादा पानी होने की संभवना है ।
◆ हमारी पृथ्वी पर अरबो साल पहले पायी जानेवाली प्रजातियों में से 99 % प्रजातियाँ अब हमारी पृथ्वी पर से लुप्त हो गई है ।
◆ हमारी पृथ्वी के वातावरण में ओज़ोन लीयर होने के कारण वह हमें सूर्य से निकल ने वाले अल्ट्रावायलेट किरणों से बचाती है ।
◆ आज पृथ्वी पर हो रहे प्रदूषण की वजह से जिसमे मौजूद क्लोरोफ्लोरो कार्बन (CFC)ओर कार्बन मोनोऑक्साइड जैसे जहरीले गैसों की वजह से पृथ्वी के ओज़ोन लीयर में छेद पाए गए है , जहा से सूर्य की अल्ट्रावायोलेट किरणे पृथ्वी पर पहुच कर नुकशान कर रही है ।
◆ हमारी पृथ्वी की अबतक की सबसे दूर से ली गई फ़ोटो 3.7 बिलियन मील दूर से ली गई थी , जिसे पिल ' ब्लू डॉट का ' ( क्योकि पृथ्वी इतनी दूरसे नीले बिंदु की तरह दिखती है )नाम दिया गया ।
◆ अगर हमारी पृथ्वी पर से गुरुत्वाकर्षण बल खत्म हो जाये तो धरती पर मौजूद हर एक चीज आकाश में उड़ जाएगी ।
◆ हमारी पृथ्वी पर जीवन की शुरुआत पानी मे शुरू हुई थी ।
◆ बाहर से हमारी पृथ्वी शांत और ठंडी लगती है , पर पृथ्वी के कोर का तापमान 5 हजार से 6 हजार सेल्सियस है , जिसे हम ज्वालामुखी के फटने के समय निकलने वाले लावा के रूप में देख शकते है ।
◆ हमारे सूर्य से पृथ्वी तक प्रकाश की किरणों को पहुच ने में 8 मिनिट ओर 17 सेकन्ड लगते है । जो की सूर्य के प्रकाश की गति 3 लाख / सेकन्ड है ।
◆ हमारी पृथ्वी पर नून्यतम तापमान -88° ℃ ओर अधिकतम तापमान 58° ℃ है ।
◆ हमारी पृथ्वी पर सबसे ज्यादा बारिश भारत के मेघालय में मौजूद चेरापूंजी ओर मासिनराम में गिरती है ।
◆ सदियों पहले हमारी पृथ्वी को ब्रह्मांड का केंद्र माना जाता था , जिसमे हमारा सूर्य और बाकी अन्य चाँद , तारे , ग्रहों को हमारी पृथ्वी का चक्कर लगाते हुए समझा जाता था ।
◆15 वी सदी में गैलेलियो ने जब अपनी रिसर्च में पाया की सूर्य और अन्य ग्रह हमारी पृथ्वी का चक्कर नही लगा रहे , पर हमारी पृथ्वी और बाकी अन्य ग्रह भी सूर्य का चक्कर लगा रहे है । तब उसने अपनी किताब के जरिये इस बात को दुनिया को बताया , पर इस बात से दुनिया उनसे नाराज हो गई ओर गैलेलियो को झूठा कहा गया , क्योकि बाइबल के मुताबिक पृथ्वी ही हमारे ब्रह्मांड का केंद्र है, जिसमे सूर्य ओर ब्रह्मांड के सभी पिंड हमारी पृथ्वी का चक्कर लगा रहा है , जिसके चलते गैलेलियो को बाइबल को झूठा ठहराने का इल्जाम लगाया गया और साथ ही अपनी इस गलती को नही सुधारने पर सजा देने का भी फैसला किया । तब गैलेलियो ने कहा की " जैसा कि लोगो का कहना है , की पृथ्वी ही ब्रह्मांड का केंद्र है , पर जैसा दिखता है ऐसा नही है , हकीकत में इससे उल्टा है , ओर मेरे या किसी ओर के कहने से यह अपनी दिशा बदलने वाले नही है , वह तो अपनी दिशा कायम रखेगे , पृथ्वी सालो से सूर्य का चक्कर लगा रही है , ओर आज भी इस वक़्त भी यह घूम रही है। "
◆ हमारी पृथ्वी के वायुमंडल में हर साल 25 हजार से ज्यादा धूमकेतु ओर लघुग्रह पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण बल के कारण खिंचे आते है , पर इनमें से ज्यादातर धूमकेतु पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश करते ही , घर्षण के कारण जल कर राख हो जाते है । और इन्ही में से कई बड़े आकार वाले लघुग्रह जो धरती की सतह तक पहुच ने तक पूरे जल नही पाते वह धरती की सतह से टकरा जाते है । ( भारत के महाराष्ट्र में स्थित लोनार झील उन्ही उल्कापिंडॉ में से एक के गिरने के कारण ही बना है ।)
◆ विज्ञानिको के मुताबिक हमारे नजदीकी भविष्य में भी कई धूमकेतु ओर लघुग्रह हमारी पृथ्वी से टकरा कर इसे फिरसे नष्ट कर सकते है , जैसा कि डाइनोसॉर के साथ हुआ ।
◆ हमारी पृथ्वी पर सात खंड है , जिनमे से 6 खंडों पर जमीन होने के कारण अलग अलग देश मौजूद है , पर इन मे से एटलांटिक खंड एक मात्र ऐसा खंड है , जो पूरी तरह से बर्फ से ढका हुआ खंड है ।
◆ पृथ्वी ही हमारे सौर मंडल का एक मात्र ऐसा ग्रह है , जिसका नाम किसी देवता के नाम पर नही रखा गया हो ।
◆ हमारी पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण बल के जरण धरती पर किसी पर्वत का 15 किलोमीटर से ऊंचा होना संभव नही है ।
◆ आज हमारी पृथ्वी पर सात महाखंड मौजूद है , पर करोड़ो साल पहले हमारी पृथ्वी पर एक ही खंड था , जिसे विज्ञानिको ने ' पेन्जीवा ' नाम दिया है । जिसमे किसी कारण हलन चलन वर्स यह प्लेट तूट गई और सात खंडों में बट गई , इसके बाद से यह आज भी खिसक रही है ।
◆ पृथ्वी पर मनुष्यों द्वारा खोदा गया सबसे उंडा गड्ढा रशिया में मौजूद है , जिसकी गहराई 12 किलोमीटर है ।
◆ विज्ञानिको के मुताबिक हमारे पृथ्वी की आयु 4.6 अरब साल है ।
◆ पृथ्वी पर हर एक सेकन्ड में 100 अवकाशिय बिजली गिरती रहती है ।
◆हमारी पृथ्वी सूर्य का एक चक्कर 365 दिन ओर 6 घंटे के समय में पूरा करती है , जो बाकी 6 घंटे को चार साल तक जोड़ने पर 6+6+6+6=24 घंटे का एक दिन बनता है , जिससे 4 साल में एक दिन बढ़ने से साल के 366 दिन होते है । जो फरवरी के महीने में एडजस्ट किए जाते है ।
◆ धरती के 71 % भाग में पानी है , ओर बाकी बचे 29 % भाग पर ही पहाडॉ, मैदानो ओर जमीन से घिरा हुआ है ।
◆ धरती के 6 सबसे बड़े देशों ने ही हमारी पृथ्वी की सतह के 40% हिस्से को समेटा हुआ है ।
◆ 22 अप्रेल को विश्व पृथ्वी दिवस के रूप में मनाया जाता है , जिसकी शुरुआत अमेरिका ने की थी ।
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