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ब्रह्मांड के बारे में जानकारी और रोचक फैक्ट्स , facts about the universe

ब्रह्मांड के बारे में जानकारी और रोचक फैक्ट्स , facts about the universe 

हमारा ब्रह्मांड न जाने कितने ही रहस्यों से भरा पड़ा है , इसका आज  भी हम जितनी भी आधुनिक टेक्निको से अध्ययन करते है , यह उतना ही पेचीदा ओर गहरा होता जाता है । हमारा ब्रह्मांड कितना बड़ा है इसका तो वैज्ञानिक भी  सिर्फ अनुमान ही लगा रहे है , की हमारा ब्रह्मांड इतना बड़ा है , पर हकीकत में आज भी एक यह अनसुलझा रहस्य ही रहा है , इसलिए कई वैज्ञानिक इसे अनंत भी कहते है , जिसका कोई अंत नही है। इसके अलावा भी कई ऐसे सवाल है जिनका जवाब ढूढ़ने में वैज्ञानिक काफी समय से हमारे ब्रह्मांड का अध्यन कर रहे है , जैसे कि हमारे ब्रह्मांड की उत्पत्ति कब और कैसे हुई । जिनमे से कुछ सवालों के जवाब अंतरिक्ष मे छोड़े गए उपग्रहों से हमे जानने मिले है ।

             Photo credit pixabay.com


हमारे ब्रह्मांड के रहसयो को सुलझा ने में NASA द्वारा छोड़े गए हबल टेलिस्कोप का बहुत बड़ा योगदान रहा है , जिसने हमारे ब्रह्मांड में मौजूद कई तारो  के बारे में हमे जानकारी दी , इन्ही में से एक तारा ऐसा भी खोजा गया जिसकी आयु 13. 2 अरब साल थी , ओर यह तारा हमारे ब्रह्मांड का सबसे पुराना तारा माना जाता है । जिसके ऊपर से हमारे विज्ञानिको ने अंदाजा लगाया कि हमारे ब्रह्मांड की उत्पत्ति 13.7 अरब साल पहले हुई होगी । हमारे ब्रह्मांड की उत्पत्ति के लिए आज बिग बेन की थ्योरी को बहुत ही विश्वशनीय माना जाता है ,  जिसमे सबसे पहले हमारे ब्रह्मांड में महा विस्फोट हुआ होगा , जिसके कारण हमारी आकाशगंगाओं का ओर उनमे कई तारो , ग्रहों ओर अन्य पदार्थो का भी निर्माण हुआ ।

आज जिस तरह हम सूर्य को हमारे ब्रह्मांड का एक मामूली सा तारा मानते है , उसी प्रकार ब्रह्मांड में हमारी मंदाकिनी आकाशगंगा ( Milky way ) भी एक बहुत ही सामान्य आकाशगंगा है । क्योंकि ब्रह्मांड में इससे तो कई गुना बड़ी आकाशगंगाए मौजूद है । ओर इस तरह हमारे ब्रह्मांड में अरबो आकाशगंगाओ के साथ साथ उन सब में भी अरबो तारे , ग्रहों धूमकेतु ओर कई दूसरे अवकाशिय पिंड मौजूद है । ओर इतने बड़े ब्रह्मांड के बारे में यह कहना एक बेवकूफी भरा सवाल होगा कि हमारी पृथ्वी पर ही जीवन है । क्योंकि विज्ञानिको का मानना है कि दूसरी अरबो आकाशगंगाओं को छोड़ कर सिर्फ हमारी मंदाकिनी आकाशगंगा के बारे में कहे तो यह  इतनी विशाल है कि , इसी मंदाकिनी आकाशगंगा में 100 से ज्यादा ग्रहों पर जीवन होने की संभावना है ।

हमारी मंदाकिनी आकाशगंगा की विशालता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा शकता है कि , इसमें मौजूद लाखो तारे सूरज से भी ज्यादा बड़े , तेज ,  गर्म और चमकदार है । पर यह सब तारे हमारे इसी मंदाकिनी आकाशगंगा में मौजूद होने के बावजूद इनके प्रकाश को हमारे पास पहुच ने में भी करोड़ो साल लग जाते है । जो कि प्रकाश की गति 3 लाख / सेकन्ड होती है फिरभी । इस तरह अगर आज हम प्रकाश की गति से हमारी मंदाकिनी आकाशगंगा में  बसी किसी दूसरी दुनिया की खोज में निकले तो हमारा पूरा जीवन भी कम पड़ जायेगा । इसके लिए तो हमे प्रकाश की गति से भी कई गुना तेज गति वाले साधनों की जरूरत पड़ शक्ति है।

INTRESTING FACTS ABOUT UNIVERSE , ब्रह्मांड के बारे में रोचक जानकारी

◆ जैसा की हमने जाना ब्रह्मांड में हमारी आकाशगंगा से भी ज्यादा विशाल आकाशगंगाए मौजूद है , उन्ही में से एक " Abell 2029 " अब तक खोजी गई सबसे बड़ी आकाशगंगा है , जिसका व्यास 56,00000 प्रकाशवर्ष है , जो हमारी मंदाकिनी आकाशगंगा से 80 गुना ज्यादा विशाल है । पर यह तो अभी के लिए सबसे बडी आकाशगंगा है , हो शकता है आनेवाले समय मे इससे भी बड़ी आकाशगंगा हमे मिल जाये तो इसमें हेरत करने जैसा कुश नही रहेगा ।

              Photo credit pixabay.com


◆ जिस तरह सौर मंडल के अन्य ग्रह सूर्य की परिक्रमा करते है , उसी प्रकार हमारा सूर्य भी हमारी मंदाकिनी आकाशगंगा का चक्कर लगा रहा है ।

◆ हमारे ब्रह्मांड की उत्पत्ति के बारे में बिग बेन की थ्योरी को ही सबसे विश्वशनीय माना जाता है , जिसके मुताबिक ब्रह्मांड में एक महा विस्फोट हुआ , जिसकी वजह से इसमें मौजूद असंख्य कण पूरे ब्रह्मांड में फेल गए जिससे असंख्य आकाशगंगाओं का निर्माण हुआ  और आज भी हमारा ब्रह्मांड फेल रहा है । जिसकी वजह से आकाशगंगाए एक दूसरे से दूर जा रही है ।

◆ हमारे मंदाकिनी आकाशगंगा के केंद्र से सूर्य की दूरी 30,000 प्रकाशवर्ष है । ( 1 प्रकाशवर्ष =  प्रकाश द्वारा 1 साल में काटा गया अंतर )

◆ आप जानते न हो तो बता दे , की रात के समय जिन तारो को आप देखते है , वह हो शकता है कि लाखों साल पहले ही मर गए हो , क्योकि वह हमारी धरती से इतने दूर है कि वहाँ से धरती पर प्रकाश पहुच ने में ही लाखो सालो का समय लगता है ।

◆ यह तो सब जानते है कि जिस तरह सौर मंडल में मौजूद ग्रह सूर्य की परिक्रमा कर रहे है , ओर सूर्य अपनी आकाशगंगा की परिक्रमा कर रहा है , पर ब्रह्मांड में मौजूद आकाशगंगाओं के अध्ययन से यह जानने को मिला है की आकाशगंगाए एक दूसरे से दूर जा रही है ।

◆ अब तक खोजी गई आकाशगंगाओ में सबसे चमकदार आकाशगंगा " धी लार्ज मेगालिनीक क्लाउड " है । जिसे पृथ्वी के उत्तरीय ध्रुव से ही देखा जा शकता है ।

◆ यह तो सब जानते है ,की हमारी आकाशगंगाए एक दूसरे से दूर जा रही है , ओर उनके एक दूसरे से दूरी भी लाखों लाखो प्रकाशवर्ष हो शक्ति है , पर फिरभी आकाशगंगाए कई बार एक दूसरे से टकरा जाती है , जिसकी वजह से उनमें तारो के बनने की प्रकिया रुक जाती है ।

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◆ ब्रह्मांड में कई ऐसी भी आकाशगंगाए पाई गई है , जो दुशरी आकाशगंगाओ के तारो को भी अपने अंदर खीच लेती है ।

◆ ब्रह्मांड में अरबो आकाशगंगाए होने की संभवना है।

◆ हमारी भारतीय भाषा मे आकाशगंगा का मतलब  " अवकाश में बहनेवाली गंगा " होता है , क्योकि यह धरती से देखने पर आकाश में नदी की तरह बह रही हो ऐसा दिखता है ।

◆ वही आकाशगंगा का ग्रीक भाषा मे मतलब " दूध की धारा " होता है , क्योकि इसे दूरबीन से देखने पर यह सफेद दिखती है और साथ ही यह दूध की धारा की तरह एक दिशा से दुशरी दिशा में बहती हुई दिखती है ।

◆ हमारी आकाशगंगा में मौजूद तारो की संख्या के बारे में यह कहा जाता है , की अगर कोई व्यक्ति 1 मिनिट में 100 तारे गईं लेता है , तो उसे हमारी पूरी मंदाकिनी आकाशगंगा के तारो को गिनने में 2000 से ज्यादा समय लगेगा । पर ध्यान रहे यहा सिर्फ हमारी एक आकाशगंगा की बात की गई है।

◆ ब्रह्मांड से मिले आधुनिक शोधों में डार्क मैटर ( Dark matter ) की खोज हुई है , जो ब्रह्मांड में मौजूद एक ऐसी वस्तु है , जिसे न तो देखा जा शकता है , पर इसमें मौजूद गुरुत्वबल को महसूस किया जा शकता है।

◆ हमारी मंदाकिनी आकाशगंगा का व्यास 1 लाख प्रकाशवर्ष है ।

◆ ब्रह्मांड में मौजूद ज्यादातक आकाशगंगाओं का आकर अंडाकार है , ओर हमारी मंदाकिनी आकाशगंगा भी अंडाकार है ।

◆ सौर मंडल किसे कहते है ,यह तो सब जानते ही होंगे कि सूर्य की परिक्रमा करने वाले खगोलीय पिंड को भी सौर मंडल में ही गिना जाता है ।

◆ यह तो सब जानते ही होंगे , की सूर्य से सबसे दूर का ग्रह प्लूटो है , ( जो कि इसे 2006 में ग्रह की उपाधि से हटा दिया गया है ) पर ज्यादातर लोग प्लूटो को हमारे सौर मंडल का अंतिम छोर मानते है , पर ऐसा नही है । प्लूटो के उस पार भी  ऊँट के बादल (oort cloud ) कहे जाने वाले अवकाशिय पिंड मौजूद है ,  जो भी हमारे सौर मंडल का ही हिस्सा है, क्योकि वह भी सूरज से अरबो किलोमीटर दूर होने के बावजूद सूरज का चक्कर लगा रहे है।

◆ हमारे मंदाकिनी आकाशगंगा के केंद्र में एक ब्लैक हॉल देखा गया है , ओर इस तरह सभी आकाशगंगाओ के केंद्र में ब्लैक हॉल होने का दावा है । जिसकी चारो ओर उनमे मौजूद सभी तारे ओर खगोलीय पिंड चक्कर लगा रहे है ।

◆ हमारे ब्रह्मांड के केंद्र में मौजूद ब्लैक हॉल के बारे मे एक थ्योरी यह भी कहती है , की हर ब्लैक हॉल के अंदर एक ओर ब्रह्मांड मौजूद है । इसलिए इस थ्योरी के मुताबिक ऐसा कह शकते है , की हैम भी किसी ब्लैक हॉल के अंदर मौजूद ब्रह्मांड का ही हिस्सा हो।

◆ विज्ञानिको ने हमारे ब्रह्मांड में 1977 में एक 72 सेकन्ड का सिग्नल प्राप्त किया था , पर आज तक उस सिग्नल को किसने भेजा होगा यह नही पता चल पाया है ।

◆ ब्रह्मांड में सबसे तेज गति करने वाला पदार्थ न्यूट्रॉन तारा है ।

◆ अंतरिक्ष यात्रीयो का कहना है कि इन्हें अंतरिक्ष मे वेल्डिंग से निकलने वाली धुंए की तरह स्मेल महशूस होती है ।

यह तो थी OUR UNIVERSE  हमारे ब्रह्मांड के बारेमे कुछ जानकारी पर हो सकता है , आगे के कुछ दिनों , महीनों , या सालो में ब्रह्मांड के बारे में हमे ज्यादा जानकारी मिल जाये जिससे कि हम हमारे Gelexy के बारे में  अधिक जान सके ।

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