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Famous places in Himachal pradesh

Famous places in Himachal pradesh , हिमाचल प्रदेश के प्रसिद्ध स्थल

हिमाचल प्रदेश अपनी प्राकृतिक सौन्दर्यता के लिए भारत भर में जाना जाता है , यहा की बर्फ की वादियों ओर शांति का अनुभव करने वाला यहा का नेचर हर किसी को यहा पर खीच लाता है । 

            Photo credit pixabay.com


Manali  मनाली

मनाली भारत के टॉप हिल स्टेशनों में से एक है और एक ऐसा हिल स्टेशन है जहा सबसे ज्यादा लोग आते है । सर्दियों के मौसम में यह जगह बर्फ से ढक जाती है ।  यहा की प्राकृतिक सोदर्यता और सोंदर्य से भर पुर पहाड़ के साथ साथ गॉर्डन और सेब के बागो के लिए भी जाना जाता है । यहा की सौंदर्यता तो आप यह पर आने के बाद ही जान सकते है।

          Photo credit pixabay.com

यहां की सोंदयता के साथ साथ यह जगह धार्मिक स्थानों के लिए भी जाना जाता है । यहा के धार्मिक स्थानों में व्यासकुण्ड , प्राचीन मनु मंदिर , हिडम्बा मंदिर , मणिकर्ण गुरुद्वारा सामिल है ।इस के अलावा यह जगह रोमांचकारी खेल जैसे पैरा ग्लाइडिंग , राफ्टिंग, ट्रैकिंग , माउंटिंग बाइकिंग और लम्बी पैदल यात्रा के लिए भी जाना जाता है। इसके साथ साथ यहा पर मनाली में हिमालियन नेशनल पार्क भी है जिस मे अनेक विलुप्त पक्षीयो की प्रजातियां पायी जाती है।

शिमला  ( SHIMLA )


 शिमला उत्तराखंड का एक बहुत ही फेमस हिलस्टेशन है , जिसे हिलस्टेशनो की रानी के नाम से भी जाना जाता है । यहां के सोंदयता की बात करे तो यह जगह यात्रियों के लिए तो मानो स्वर्ग ही है। यहा पर बर्फ से ढके पहाड़ , सुहावनी झीले , सुखद जलवायु और हरयाली यह सब जगह आपको एक ही जगह मिलने वाली है। शिमला भारत के सबसे पसंदीदा स्थानोमे से एक है। यहां का मौसम साल भर खुशनुमा और शांत रहता है इसलिए यहा पर आप साल में कभी भी जा सकते है यहा के हर मौसम का अपना अलग ही मझा है । सर्दियों के मौसम में यहा पर स्नोफोल का मज़ा भी लिया जा सकता है।
शिमला की खूबसूरती अंग्रेजो के शासन काल मे भी प्रशिद्ध थी इसी लिये उन्होंने शिमला को ग्रीष्मकाल की राजधानी बना दी थी । इसी लिए शिमला प्राचीन विरासत स्थानों के लिये भी प्रसिद्ध है जो ब्रिटिश वास्तुकला को दर्शाती है । रोथनी कैसल इमारत उन्ही में से एक है ।

कुल्लू ( Kullu )


कुल्लू हिमांचल प्रदेश में बसा एक बहुत ही खूबसूरत पर्यटन स्थल है । जो भारत के देवताओ की  घाटी के रूप में जाना जाता है । ब्यास नदी के तट पर 1230 मी. की ऊँचाई पर बसा यह स्थान बरसो से अपने प्राकृतिक सोंदयता से पर्यटकों को अपनी ओर खिंचता आ रहा है । यहाँकी सोंदयता भारत ही नही बल्कि पूरी दुनिया के पर्यटकों को यहा पर खीच लाती है। यहा की रमणीय पहाड़िया , देवदार के जंगल , नदिया हर किसी को मोहित कर लेती है। प्राकुतिक सोंदयता के साथ साथ यह स्थान प्राचीन किल्लो , धार्मिक स्थलों , वन्यजीव अभ्यारणो के लिए भी प्रख्यात है। इसके अलावा यहा के स्थानीय हस्तशिल्प भी यहा कि सबसे बड़ी विशेषता है।

रघुनाथजी मंदिर

यहा के मुख्य धार्मिक स्थलों में 17 मी सदी में बनवाया गया रघुनाथजी मंदिर जिसका निर्माण राजा जगतसिंह ने करवाया था। यहा पर भगवान रघुनाथ अपने रथ पर विराजमान है जिसकी सोंदयता तो इसको देखने पर ही मालूम होती है।

बिजली महादेव मंदिर

यहा के मुख्य धार्मिक स्थानों में से एक है बिजली महादेव मंदिर जो कुल्लू से करीब 13 km. दूर एक पहाड़ी पर है , जीस पर चडने के लिये बहूत ही कठीन चढाॅई करनी पडती है।इस मंदिर से कुल्लु ओर पावॅती घाटी का बहूत ही खुबसुरत नजारा देखने को मीलता है । इसके अलावा यहा का  मुख्य अाकषण 100 मी. लंबा ध्वज है जीस पर बिजली कडक ने पर जो तरंगे उठती हे उसे भगवान का आशिॅवाद माना जाता है ।जीस यह हर साल बिजली गीरती है ओर जीसके कारण मंदिर का शिवलिंग खंडित हो जाता है , जीसे पुजारी द्वारा फिर से मख्खन से जोडा जाता है।

इस के एलावा यहा के अन्य धामिॅक स्थानो मे अागंतुक मंदिर , जग्गनाथी देवी मंदिर भी सामिल है।
धामिॅक स्थानो के अलावा यह स्थल अेड़वेन्चर स्पॉट के लिये भी प्रशिद्व है । यह स्थल ट्रेकिग , पवॅतारोहण , रिवर राफटिग, पेराग्लाइडीग जेसे साहसिक खेलो के लिये भी जाना जाता है। इस के अलावा कुल्लु के ग्रेट हिमालियन नेशनल पाकॅ मे सामिल अलग अलग वन्यजीवो को भी देख सकते है।

कुल्लु का दशहरा


कुल्लू का दशहरा यहा के मुख्य त्योहारो में से एक है जो पूरे भारतभर में प्रसिद्ध है। कुल्लू का यह दशहरा यहा की संस्कृति और धार्मिकता का प्रतीक है। इस दशहरे की खास बात यह है कि जब पूरे भारत मे दसहरा खत्म हो जाता है तब यहा पर शुरू होता है। जिसमे भगवान रघुनाथजी की रथयात्रा निकाली जाती है।

मसरूर मंदिर  ( Masroor Temple )


हिमाचंल प्रदेश के कागडा़ जिले के मसरूर गॉव मे  स्थित यह मंदिर अपने अदभूत शिल्पकला ओर नकशीकला के लिये जानाजाता है । जो एक ही चट्टान को काट कर बनाया गया भारत का एक मात्र मंदिर माना जाता है ।
दन्त कथा के अनुसार इस मंदिर का निमॉण पाड़वोने अपने अज्ञातवास के दोरान किया था ।  मसरूर का यह मंदिर कुल 15 चट्टानो को काट बनाया गया है । जीसकी वजह से इसे रॉक कट टेम्पल के नाम से भी जाना जाता है । इन मंदिरो के सामने एक झील का निमॉण भी किया गया है जो ईसकी सोदयॅता को ओर बढाती है । 15 मंदिर शिखरो वाली यह सरंचनाअे गुफाओ के अंदर स्थित है ।
यहा के मंदिरो मे राम , लक्ष्मण , सिता ओर भगवान शिव की पथ्थर पर छबीया बनाइ गई है , इसके अलावा यहा के मंदिरो की दिवारो पर ब्रह्मा , विष्णु , महेश , कातिॅकेय ओर अन्य देवी देवताओ की आकृतिया बनाइ गइ है । हिमाचल प्रदेश के यह अदभूत मंदिर हिमाचल प्रदेश के अजंता - एलोरा ओर हिमालियन पिरामिड के नाम से भी जाने जाते है।

धमॅशाला ( Dharamshla )


धमॅशाला भारत के मुख्य धामिॅक स्थलो ओर तीथॅस्थानो मे से एक है । जो हिमाचल प्रदेश के कागडा़ जिले से 8 km की दुरी पर है। यह जगह दलाई लामा के पवित्र निवास स्थान के रूप मे दुनिया भर मे प्रसिद्व है। यह स्थान अलग अलग उचाईयो के साथ दो भागो मे बटा है , जीसमे नीचले भाग को धमॅशाला ओर उपले भाग को मेकलोडगज के नाम से जाना जाता है। कागडा़ जीले मे बसा धमॅशाला अपने खुबसुरत वादिया ओर सौदयॅता के लिये भी जाना जाता है। धमॅशाला का यह खुबसुरत हिलस्टेशन धोलाधार पवॅत श्रेणीयो के बीच मे बसा है । जीसकी की सौदयता हर कीसी को अपनी ओर खीचने वाली है।

धमॅशाला धामिॅक ओर कुदरती सौदयॅता के साथ साथ यहा पर बना धमॅशाला क्रिकेट स्टेडियम भी यहा का मुख्य आकषण है । धमॅशाला का यह स्टेडियम राजसी हिमालय पवॅत श्रृखला के बीच बसा हे  , यहा की खुबसुरत वादिया के बीच बने इस  स्टेडियम मे ठंडी हवाये चलती रहती है। 

दलाई लामा मंदिर Dalai lama Temple


त्सुगलाखंग के नाम से जाने जानावाला यह स्थल तिब्बटी संस्कृति से परिपुण है । जो धमॅशाला का एक राजनेतिक धामिॅक स्थान है । यहा का मन को शांत करने वाला वातावरण दुनियाभर के पयॅटको को आकषिॅत करता है।

कांगडा़ का किला ( kangra fort )


 कागरा शहर से मात्र 4 km की दूरी पर स्थित यह किला अपने हजारो सालो की भव्यता ,  एतिहासीकता ओर अपनी अदभुत सौदयॅता के लिये जाना जाता है । ईस किले की भव्यता ओर हिमालय की सुंदर वादियो को निहार ने के लिये यहा पर हर साल हजारो पयॅटक देशविदेश से आते हे। अपनी अदभुत भव्यता के लिये जानेजाला वाला यह किला माझी ओर बाणगंगा नदीयो के बीच एक पहाडी पर बना है । जो हिमालय का सबसे बडा किला ओर दुनिया के सबसे पुराने किलो मे से एक है। कागडा़ के ईस किले का उल्लेख महाभारत मे भी किया गया है। 

कसौली ( Kasauli )


कसौली हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले मे स्थित एक बहुत ही खुबसुरत ओर प्रख्यात हिलस्टेशन है । यहा की पल पल बदलने वाली यहा की हवाये ओर यहा की खुशनुमा आबोहवा दुनियाभर के पयॅटको को आकषिॅत करती है। यहा की खुबसुरती ओर अपनी कई अलग खुबीयो के कारण ही इस हिलस्टेशन को एशिया का सवॅश्रेष्ट हिलस्टेशन का दजॉ प्राप्त है।

यहा के उचे-उचे  देवदार के पेड , सुंदर पहाडियॉ , पथरीले रास्ते हर किसी को मनमग्न कर देने वाले है। कसौली के इस स्थान पर हर किसी ट्रावेलर के लिये कुछ न कुछ तो जरुर है । यहा पर अेडवेंचर के शोकिन के लिये ट्रेकिग हे, ओर प्रकृति प्रेमीयो के लिये तो यह जगह स्वगॅ ही मान लो जहा पर नेचर वॉक का मझा लिया जा सकता है। इसके अलावा यहा पर ओस की तरह गीरने वाली बरफ वषॉ का भी मझा लिया जा सकता है जीसके लिये यहा पर डिसम्बर से फरवरी के बीच यहा पर काफी पयॅटको की भीड रहती है ।

मंकी पोइन्ट Monkey Point


कौसली के आकषकॅ स्थलो मे कसौली शहर का सबसे उचा पोंइन्ट मंकी पोंइन्ट अपनी अदभुत सौदयता से अपनी ओर खीच लाता है । जहा से यहा के आसपास का अदभुत नजारा देखा जा शकता है ।

गुरुनानकजी गुरुद्वारा Guru nanakji Gurudwara


 घरखल बाजार मे स्थित इस शीख धमॅ के इस सुप्रसिद्व गुरुद्वारा मे दुनियाभर से हजारो श्रद्वालु यहा हर साल  दशॅन करने आते है , यहा का यह गुरु द्वारा अपनी धार्मिक गतिविधियों के लिए पूरे भारत भर में जाना जाता है , जिसकी वजह से यह स्थल हर किसी को यहा पर खीच लाता है ।
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