SURY MANDAL KE BARE ME JANKARI OR ROCHAK FACTS , सौर मंडल के बारे में जानकारी और रोचक फैक्ट्स ।
आज हम आधुनिक विज्ञान के साधनों से हमारे सौर मंडल के बारे में कई रहस्यों को तो जान गए है । जो कि हमारे ब्रह्मांड में छोड़े गए कई उपग्रहों ओर टेलिस्कोप की मदद से हम जान पाए है । जिसमे हमे हमारे सौर मंडल में मौजूद लाखो लघुग्रहो , घुमकेतुओ , ग्रहों ओर उनके बारे में काफी जनकारी मिली है । इसके साथ ही इन सब का अध्यन करके हमे हमारे सौर मण्डल का निर्माण कैसे हुआ और साथ ही बाकी ग्रहो ओर पिंडों के निर्माण का भी ज्ञान हुआ । तो आज हम हमारे सिर्फ सौर मंडल की ही बात करे गे , जिसमे इसका निर्माण कैसे हुआ और इसके कुछ रोचक फैक्ट्स भी जाने गे , जो हर किसी को हेरान कर देते है ।
Sury mandal ka nirman kaise hua , सौर मंडल का निर्माण कैसे हुआ ।
हमारे सौर मंडल की रचना के पीछे सबसे विश्वशनीय थ्योरी के मुताबिक आज से लगभग 4.6 अरब साल पहले अंतरिक्ष मे एक तूफान आया जिसकी वजह से आकाश में मौजूद धूल और गॅस ग्रेविटी के कारण एकजुट हुई , ओर इससे ज्यादातर गॅस ओर धूल इसके केंद्र में जाकर इक्कठा हो गई , यह इतना विशाल था कि इसने यहा पर मौजूद 99.86 % हिस्से को अपने अंदर समेट लिया था , जिससे हमारे सूर्य का निर्माण हुआ । ओर बाकी बची धूल और गैस ने एक प्लेट का आकार ले लिया और इसके आसपास घूमने लगी , जिससे आगे जा कर बाकी अन्य ग्रहों का निर्माण हुआ ।
Sour mandal ke bare me rochak facts , सौर मंडल के बारे में रोचक फैक्ट्स ।
◆ हमारे सौर मंडल का सबसे बड़ा ग्रह गुरु ( बृहस्पति ) है , जो हमारी पृथ्वी से 1400 गुना बड़ा है , जिसमे 1400 पृथ्वी समा सकती है ।
◆ हमारे सौर मंडल का अंतिम सभ्य प्लूटो नही है , क्योकि प्लूटो के उस पार मौजूद " ऊँट के बादल " ( ootta cloud ) भी हमारे सौर मंडल का ही हिस्सा है , जो भी हमारे सूर्य का ही चक्कर लगा रहे है।
◆ सौर मंडल का सबसे छोटा ओर सूर्य से सबसे नजदीक का ग्रह भी बुध है ।
◆ सूर्य के न होने से ही हमे रात को तारे दिखाई देते है , ओर सूर्य के होने से तारे नही दिखते , क्योकि सूर्य का प्रकाश इतना तेज होता है , की अरबो किलोमीटर दूर स्थित तारो के प्रकाश इसमें दिख नही पाते ।
◆ हमारे सौर मंडल के सभी ग्रहों के पास हमारे चंद्रमा की तरह उपग्रह नही है , जिसकी वजह से वह स्थिर नही रह पाते ।
◆ हमारे सौर मंडल के सबसे बड़े ग्रह गुरु ( बृहस्पति) के पास एक चन्द्रमा है , फिर भी वह स्थिर नही रह पाता , क्योकि वह चंद्रमा गुरु ग्रह के विशाल आकार के कारण उसे अपनी ग्रेविटी से स्थिर नही रख पाता है।
◆ यह तो सब जानते होंगे कि सूर्य एक तारा है , जिसके पास अपना खुदका प्रकाश है , ओर यह हमारे सौर मंडल का एक मात्र स्वयं प्रकाशित तारा है , जिसकी वजह से ही हम रात को सौर मंडल के अन्य ग्रहों को भी चमकता हुआ देख सकते है। जो कि सूर्य का प्रकाश इन पर पड़ने से ही यह चमकते है ।
◆ हमारे सौर मंडल का सबसे दूर का ग्रह प्लूटो है, ( 2006 में प्लूटो को ग्रह की उपाधि से हटाया गया है ।) जहा तक सूर्य के प्रकाश को भी पहुच ने में साढ़े पांच (5:30) घंटे लगते है । जो प्रकाश की गति 3 लाख / सेकन्ड होती है फिरभी इतना समय लगता है ।
◆ हमारी पृथ्वी से सबसे नजदीकी तारा सूर्य है , इसके बाद में दूसरे नंबर का सबसे नजदीकी तारा प्रोक्सीमा सेन्चुरी है , जो कि हमारी पृथ्वी से 4.22 प्रकाशवर्ष दूर है । (1 प्रकाशवर्ष = प्रकाश द्वारा 1 साल में काटा गया अंतर )
◆ हेली के धूमकेतु के बारे में तो सबने सुना ही होगा यह भी हमारे सौर मंडल का ही हिस्सा है , जो सूर्य का चक्कर लगा रहा है , जो हर 76 साल में हमारे सूर्य के नजदीक से गुजरता है , जिसे साल 1986 में देखा गया था , अब वह साल 2062 में दिखाई देगा ।
◆ जिस तरह सौर मंडल के ग्रह ओर अन्य पिंड सूर्य का चक्कर लगा रहे है , उसी प्रकार सूर्य भी हमारी मिल्कीवे आकाशगंगा का चक्कर लगा रही है , ओर हमारे सूर्य को हमारी आकाशगंगा का एक चक्कर लगाने में 25 करोड़ वर्ष लगते है।
◆ सूर्य हमारी आकाशगंगा के केंद्र से 30,000 प्रकाशवर्ष दूर है।
◆ सूर्य के प्रकाश को धरती पर पहुच ने में 8 मिनिट ओर 17 सेकन्ड लगते है , क्योकि सूर्य हमारी पृथ्वी से 15 करोड़ किलोमीटर दूर है ।
◆ हमारे सौर मंडल के दो ग्रहों मंगल और गुरु ग्रह के बीच मे लाखो लधुग्रह मौजूद है , जो भी सूर्य का ही चक्कर लगा रहे है , जिसमे से कभी कभी अपनी कक्षा से भटककर या यह लधुग्रह किसी दूसरे ग्रहों की या सूर्य की ग्रेविटी की खिंचाव में आकर इसके रास्ते मे आनेवाले दूसरे ग्रहों से टकरा जाते है ।
◆ हमारे सौर मंडल का केंद्र यानी हमारे सूर्य की ग्रेविटी इतनी ज्यादा है , की 6 अरब किलोमीटर दूर स्थित प्लूटो भी इसका चक्कर लगा रहा है ।
◆ हमारे सौर मंडल का दूसरा सबसे बड़ा ग्रह शनि है , पर फिरभी इसका घनत्व इतना कम है कि अगर इसे किसी बड़े पानी से भरे तालाब में डाल दिया जाए तो यह उसमे तैरने लगेगा ।
◆ शनि ग्रह हमारी पृथ्वी से 750 गुना बड़ा है ।
◆ हमारे सौर मंडल में लाल ग्रह के नाम से जाने जाने वाला ग्रह यानी मंगल ग्रह इसमें मौजूद आर्यन ऑक्साइड की ज्यादा मात्रा की वजह से लाल दिखता है ।
◆ हमारे सौर मंडल का सबसे बड़ा अवकाशिय पिंड सूर्य ही है , जिसने सौर मंडल का 99.86 ℅ भाग को कवर किया है । यानी कि हमारे सूर्य में ही सौर मंडल के सभी ग्रहों ओर पिंड कई बार समा सकते है ।
◆ हमारे सूर्य में 13 लाख पृथ्वी समा सकती है ।
◆ सूर्य हमारी आकाशगंगा की परिक्रमा 250km / सेकंड की गति से कर रहा है।
◆ हमारे सौर मंडल के 8 ग्रहों में से हम 5 ही ग्रहों को खुली आंखों से देख सकते है । जो है बुध , शुक्र , मंगल , शनि और गुरु है, जिनको देखे जाने का कारण यह पृथ्वी से नजदीक है , तो गुरु और शनि ग्रह को विशालता की वजह से देखा जा शकता है ।
◆ सौर मंडल का सबसे तेजस्वी ग्रह शुक्र हे , जिसे धरती से साम को सबसे पहले ओर सूबह सबसे अंत तक चमकते हुए देखा जा शकता है ।
◆ सौर मंडल के सभी ग्रहों ओर उनके उपग्रहों भी एक दूसरे से गुरुत्वाकर्षण बल के खिंचाव से बंधे हुए है ।
◆ हमारे सौर मंडल का एक मात्र तारा सूर्य बाकी ग्रहों से अलग पूरी तरह से गॅस ओर प्लाज्मा से बना है , इसमें कुछ भी ठोस नही है । यह मुख्य हीलियम ओर हायड्रोजन से बना है ।
यह तो थे हमारे Sour mandal ke bare me rochak facts पर हमारा सौर मंडल तो हमारी मंदाकिनी आकाशगंगा का एक बहुत ही छोटा सा हिस्सा है , क्योकि हमारी आकाशगंगा में तो ऐसे अरबो सौरमंडलों के होने की संभावना है । साथ ही हमारी मंदाकिनी आकाशगंगा भी एक छोटी सी आकाशगंगा है क्योंकि ब्रह्मांड में तो इससे भी बड़ी ओर अरबो आकाशगंगाए मौजूद है , जिसमे से हर एक आकाशगंगा में 100 से ज्यादा जगहों पर जीवन होने की संभावना है , ओर हो शकता है वहा के लोग हमारे से भी तेज हो , ओर वह भी हमारी ही तरह किसी दूसरी दुनिया की तलाश कर रहे हो । पर हमारे ब्रह्मांड की तो कोई सीमा नही है , इसी लिए इसको अनंत कहा गया है , है। अगले आर्टिकल में हम हमारे ब्रह्मांड से जुड़े रहस्यों के बारे में बताएंगे गे , जो बहुत ही इंट्रेस्टिंग रहेगा ।

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