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प्राचीन भारत के रहस्य, Unsolved mystery of india

PRACHIN BHARAT KE RAHASYA , प्राचीन भारत के इन रहस्यों ने पूरी दुनिया को हैरान कर दिया है ।

भारत आज पूरी दुनिया मे अपनी संस्कृति के लिए जाना जाता है , पर  भारत की संस्कृति जितनी प्रसिद्ध है , उससे भी ज्यादा तो प्राचीन भारत के कुछ रहस्य है , जो आज भी दुनिया को हैरान करते है , ओर भारत के बारेमे ज्यादा जानने में इंटरेस्ट जगाते है। आज हम उन्ही Unsolved mystery of india के बारे में जानेंगे जो आज भी रहस्य ही बने हुए है ।

            Photo credit pixabay.com


भारत के प्राचीन इतिहास और प्राचीन संस्कृति के बारे में तो हमे बचपन से ही पढ़ाया जाता है , जिसमे हमे प्राचीन भारत के इतिहास में हुई घटनाओ को बताया जाता है , पर प्राचीन भारत के इस  इतिहास का ज्ञान तो हम तक अधूरा ही पहुच पाया  है , क्योकि हमे भारत के प्राचीन इतिहास ओर संस्कृति के बारे में ज्यादा से ज्यादा सिंधु घाटी सभ्यता से लेकर शुरू किया जाता है । पर सिंधु घाटी सभ्यता से मिले अवशेषो से यह जानकारी मिलती है कि सिंधु घाटी सभ्यता के लोग भी हिन्दू थे ।  मतलब कि सिंधु सभ्यता के पहले भी भारत मे सभ्यताए मौजूद थी जिन्होंने सिंधु सभयता को इन संस्कृत ओर रीति रिवाजों से परिचित करवाया होगा , पर आज  सिंधु घाटी की इस सभ्यता को दुनिया की सबसे प्राचीन सभ्यता में से एक माना जाता है । क्योकि दुनिया मे सिंधु घाटी सभ्यता से पुरानी किसी सभ्यता से पुरानी कोई सभ्यता का पता नही लगाया गया है । 

आज हम इन्ही प्राचीन भारत के रहस्यो के बारे में जाने गे जिन्होंने पूरी दुनिया को हैरान कर दिया है , क्योकि प्राचीन भारत के यह रहस्य तो सिंधु घाटी सभ्यता से भी हजारों साल पुराने है , जिसका ज्ञान हमे हिन्दू धर्म के किताबो में बताई गई कई घटना ओ से मिलता है । हिन्दू धर्म से जुड़े इन धर्म ग्रथो की घटनाओ की हकीकत जानने के लिए जब उन जगहों के पर सर्वे किया गया तब इन जगहों से जो रहस्य सामने आए जिनकी हकीकत जान कर पूरी दुनिया हेरान राह गई । 

प्राचीन भारत का पहला रहस्य : आज के परमाणु बम जितने शक्तिशाली शस्त्र

आज हम 21 वी सदी में जी रहे है , जिसमे आज हमारे पास परमाणु बम , हायड्रोजन बम जैसे खतरनाक अस्त्र-शस्त्र मौजूद है , ओर इन शस्त्रो के किसी जगह पर इस्तेमाल से ही कई सालो तक  दुष्काल जैसी परिस्तिति ओर कई सालों तक उस जगह पर किसी जीव को रहने और पनपने से तो दूर जीवन ही खत्म कर देने की ताकत रखते है ।

 पर क्या आप जानते है कि रामायण और महाभारत के युद्ध मे भी ऐसे ही अस्त्रो शस्त्रो का इस्तेमाल होने की बात कही गई है । जिसके इस्तेमाल से आज के परमाणु बम ओर हायड्रोजन बम के इस्तेमाल से होनेवाले विनाश जितना विनाश हुआ था । महाभारत और रामायण के युद्ध मे इस्तेमाल हुए अस्त्रो-शस्त्रो के बारे में यह कहा गया है कि , इस युद्ध मे ऐसे शस्त्रो का इस्तेमाल हुआ था जिसके वजह से इन जगहों पर 12 साल तक न बारिस हुई ,ओर नही किसी जीव यहा पर जीवन शुरू कर पाया , ओर कुश सालो तक यहा की धरती बिल्कुल भी निर्जीव हो गई थी । 

महाभारत और रामायण का युद्ध तो हजारों साल पहले हुआ था , पर इतने हजारो साल पहले भी परमाणु बम के  जैसे खतरनाक शस्त्रो का इस्तेमाल हुआ होगा , इन बातों पर आज का कोई इंसान यकीन नही कर पायेगा , पर जब महाभारत और रामायण  में बताए गए उन युद्ध स्थलों पर जब दुनिया के कई साइंटिस्ट द्वारा आधुनिक तकनीकों द्वारा रिसर्च किया गया तो इन जगहों की मिट्टी में  हाईडोजन बम ओर परमाणु बम फटने से निकलने वाली रेडियेशन जैसी रेडियेशन पायी गई , जिससे यह साबित हो गया कि भूतकाल में किसी समय मे इन जगहों पर भारे रेडियोएक्टिव शस्त्रो का प्रयोग किया गया होगा । जिसकी वजह से यहा की जमीन में इन रेडिएशन को पाया गया ।

यह तो भारत का एक सबसे बड़ा अनसुलझा रहस्य है , जो पूरी दुनिया को हैरान करता है, ओर कई तरह के सवालों को मन मे  लाता है , की आखिर इतने हजारो साल पहले इतने आधुनिक शस्त्रो का इस्तेमाल कैसे संभव है । ओर साथ ही बात करे महाभारत और रामायण में बताए गए कुछ इसे शस्त्रो की जिनका इस्तेमाल तो इन युद्धों मे हुवा ही नही था , पर इसका सिर्फ उल्लेख ही किया गया है , जिसके इस्तेमाल से ही पूरी धरती का विनाश हो सकता था । जो आज के आधुनिक शस्त्रो से भी कई गुना विनाशकारी थे । विज्ञान आज कई तकनीकों से ऐसे शस्त्रो को बनाने की कोशिश भी कर रहा है । जिनमे से कई ऐसे शस्त्रो को बना भी चुका है ,  जो पूरी धरती का भी  कई बार विनास करने में सक्षम है । 

आज हम जिस सदी में जी रहे है उसमें हैम किसी तर्क या संभवना पर यकीन नही करते हम सिर्फ साबित हो चुकी बातों को मानते है , जो कि साइंस की भी एक खास बात होती है , की यह जिस चीज को साबित कर देता है , उसी को बताता है , ओर साइंस ने अब तक पूरी दुनिया मे सबसे प्राचीन सभ्यता में सिंधु सभ्यता को माना है , क्योकि अब तक मिली सभ्यताओ के अवशेष में सबसे पुराने अवशेष इसके ही है , हो सकता है भविष्य में हमे प्राचीन भारत मे रह चुकी उन रहस्यमय सभ्यताओ  के बारे में भी अवशेष मिल जाये , जो प्राचीन भारत मे भी आज की तरह ही आधुनिक जीवन को जी रही थी ।

प्राचीन भारत का दूसरा रहस्य : प्राचीन भारत के विमान

प्राचीन भारत के इतिहास में इस्तेमाल हुए शस्त्रो के बारे में जानकर अब यह जानकर ज्यादा हैरानी नही होती कि प्राचीन भारत मे भी आज की तरह आकाश में उड़ने वाले विमान भी मौजूद थे । जिसका इस्तेमाल भी एक जगह से दुशरी जगह पर जाने के लिए किया जाता था । रामायण में भी उल्लेख किया गया है , की राम के वनवास में 14 साल पूरे होने के बाद वह ' पुष्कर ' नाम के विमान में बैठ कर अयोध्या पहुचे थे । वही रामायण में ही कई जगह पर ऐसे विमानो की बात कही गई है , जिनका इस्तेमाल होता था । पर आज भी यह एक रहस्य ही रह चुका है की इतने हजारो साल पहले आखिर इतनी आधुनिक टेक्नोलॉजी का विकास आखिर कैसे संभव हो सकता है   ।  

भारत के प्राचीन रहस्यों में से यह एक रहस्य ही रह चुका है , की क्या महाभारत और रामायण काल जैसे हजारो साल पहले के समय मे भी विमान मौजूद थे , क्योकि हमे आजतक इसके सबूत नही मिल पाए है , जिससे यह साबित हो सके कि उस समय मे भी ऐसे साधन मौजूद थे । पर हो शकता है कि आने वाले भविष्य में हमे इसके होने के सबूत मिल जाये , ओर इसके बाद ही हमे यकीन कर पायेगे की प्राचीन ग्रथो मे बताए गई बाते बिल्कुल सच थी ।

प्राचीन भारत का तीसरा रहस्य : प्राचीन भारत के रहस्यमय मंदिर 

आज पूरी दुनिया मे सबसे प्रसिद्ध मिश्र के पिरमिंडॉ के बाद में सबसे ज्यादा प्राचीन भारत के मंदिरो को देखना अद्भुत माना जाता है , क्योकि प्राचीन भारत के मंदिर आज भी कई रहस्यों से भरे पड़े है , जो आज तक रहस्य ही  बने हुए है । इन्ही रहस्यमय मंदिरो में से कुछ मंदिरो को भारत के मध्यकालीन युग मे बाहरी आक्रमणकारियो द्वारा तोडे गये थे , ओर उन जगहों पर अपने धर्म से जुड़े इमारतो को बनवाया गया । आज भारत मे आज भी कुछ जगहों पर ऐसे प्राचीन मंदिर मौजूद है , जिनका रहस्य आजतक नही खुल पाया है । 

इन्ही मंदिरो में से एक मंदिर है केरल का श्री पध्मनाभ मंदिर जहा से लाखो तन सोना निकाला गया है , यहा पर इस मंदिर में सात तहखाने मौजूद है , जिन में से अब तक 6 तहखानों में मौजूद सोने को निकाला गया है , जिसकी कुल कीमत 1 लाख करोड़ से ज्यादा है , ओर इस मंदिर के सातवें तहखाने को अब तक नही खोला गया है , क्योकि इस सातवे तहखाने को खोलने के लिए राजपरिवार के कहने पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी है । 

केरल के इस श्री पध्मनाभ स्वामी मंदिर के सातवें तहखाने के बारे में कहा जाता है , की इस तहखाने में यहा पर मिले सभी तहखानों से ज्यादा सोना मौजूद है , पर इस तहखाने को खोलने पर यहा पर भारी तबाही आने की बात को बताया गया है , इस लिए इस तहखाने को किसी मंत्र के द्वारा ही खोला जाने की बात कही जाती है ।

इसी तरह भारत मे कई ऐसे मंदिर भी मौजूद है , जो रहस्यों से भरे है , ओर इनकी भी अपनी अपनी खास बात है , किसी मंदिर में रात के समय अपने आप ही दरवाजे बंद हो जाते है , तो कही पर रात के समय रुक ने पर पाबंधी लगाई गई है , तो किसी मंदिर में रात के समय मे भगवान के आने की बात होती है , इसी तरह के रहस्यमय मंदिरो के बारे में दूसरे आर्टिकल में बात करेंगे ।



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